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Saturday, July 13, 2019

राजनीतिक दल से आप क्या समझते हैं|meaning of political parties

राजनीतिक दल से आप क्या समझते हैं| राजनीतिक दलों के मुख्य कार्यों की विवेचना कीजिए|

इस आर्टिकल के माध्यम से आप राजनीतिक दल क्या होता है राजनीतिक दलों के मुख्य कार्य क्या क्या है विश्व में कितने प्रकार के राजनीतिक दल है?भारत में राजनीतिक दल, गैर मान्यता प्राप्त गैर मान्यता प्राप्त दल क्या होते हैं? आदि कि जानकारी हासिल कर सकते हैं
राजनीतिक दल,political party
political-party

आम तौर पर राजनीतिक दल उन लोगों के समूह को कहा जाता है जो चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता रखने के लिए एक साथ आते हैं उनकी कुछ अपनी विचारधारा तथा समर्थकों के सामूहिक हितों के बढ़ावा देने वाली नीतियों पर वे सहमत होते हैं।

विभिन्न विद्वानों की दृष्टि से राजनीतिक दल की परिभाषाएं।


लीकांक -प्रसिद्ध विद्वान लिखा के अनुसारराजनीतिक दल से हमारा अभिप्राय नागरिकों के उस कम अथवा अधिक संगठित समूह से है जो राजनीतिक इकाई के रूप में इकट्ठे कार्य करते हैं।

गिलक्राइस्ट-प्रसिद्ध लेखक बिल क्राइस्ट के अनुसार राजनीतिक दल उन नागरिकों का एक संगठित समूह है जिनके राजनीतिक विचार एक जैसे हैं जो एक राजनीतिक इकाई के रूप में कार्य कार्य करके सरकार पर नियंत्रण करने का प्रयत्न करते हैं।

गैटल- के अनुसार एक राजनीतिक दल उन लोगों का समूह है जो कुछ सिद्धांतों पर सहमत हैं और जो उन सिद्धांतों के आधार पर संयुक्त प्रयत्नों से जनसाधारण के हितों में कार्य करने के लिए एकता में बने हुए हैं।
राजनीतिक दल,political party
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उपर्युक्त परिभाषा ओं के आधार पर राजनीतिक दल के मुख्यतः तीन तत्व कहे जा सकते हैं|


1-यह बहुत से लोगों का समूह या संघ है।

2-दल के अपने निश्चित सिद्धांत या कार्यक्रम होते हैं जो सामाजिक आर्थिक व राजनीतिक महत्व रखते हैं वह इसी को पार्टी की विचारधारा करते हैं।

3-दल के लोग समान  रूप से सत्ता प्राप्त करते हैं इसलिए में सामूहिक प्रयास करते हैं यदि सत्ता मिले तो सरकार चलाते हैं नहीं मिले तो विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।

राजनीतिक दलों के कार्य


लोकतंत्र में राजनीतिक दलों का बहुत महत्वपूर्ण कार्य है लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को रीड की हड्डी का जाता है।
1-उम्मीदवारों का चयन-दलों का अस्तित्व चुनाव लड़ने के लिए है अतः इनका प्रथम कार्य उचित उम्मीदवारों का चुनाव करना है जो दल की नीतियों और सिद्धांतों को व्यवहारिक रुप प्रदान कर सकें और शासन सत्ता प्राप्त होने पर प्रशासन का कुशल संचालन कर सकें।

2-सार्वजनिक नीतियों का निर्धारण-राष्ट्र के सम्मुख उपस्थित महत्वपूर्ण संस्थाओं को सुलझाने के लिए ठोस कार्यक्रम और नीतियों का निर्धारण करना भी राजनीतिक दलों का एक मुख्य कार्य ।

3-सरकार का संचालन निर्वाचन में जन समर्थन के लिए आधार पर विजय प्राप्त करने के उपरांत जब राजनीतिक सत्ता पर किसी राजनीतिक दल का अधिकार हो जाता है तो वह सुनिश्चित नीतियों और ठोस कार्यक्रम के आधार पर शासन का संचालन का दायित्व संभालता है।

4-सत्तारूढ़ दल पर अंकुश निर्वाचन में बहुमत प्राप्त ना होने पर विरोधी दल के रूप में सरकार की आलोचना करना उनकी सोच 64 इता पर नियंत्रण लगाना भी राजनीतिक दलों का ही काम है।

5-प्रबुद्ध जनमत का निर्माण जनता की उदासीनता को दूर करके उनमें जागरूकता उत्पन्न करना और नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा प्रदान करके प्रशासन की समस्याओं के प्रति उनमें अभिरुचि जागृत करने का काम भी राजनीतिक दल संपन्न करते हैं।
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6-जनता और सरकार में मध्यस्था-एक और राजनीतिक दल जनता की शिकायतों को सरकार के समक्ष रखते हैं और उनके निवारण के लिए सूचना प्रस्तुत करते हैं और सरकार की नीतियों की व्याख्या करना तथा जनता को प्रशासनिक गतिविधियों से अवगत कराते हैं।

7-शासन के अभिन्न अंगों में सामंजस्य-भारत और अमेरिका आदि लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक दल ही कार्यपालिका और विधायिका में परस्पर संबंध में उत्पन्न करते हैं दोनों शाखाओं में उनका कार्य करते हैं और संविधान के सुचारू संचालन में योग देकर संघर्षों को कम से कम करते हैं और गतिरोध को दूर करते हैं।

समीक्षा-उपर्युक्त अर्थ और कार्यों से स्पष्ट है कि लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक दल के बिना लोकतंत्र की कल्पना करना मुश्किल है क्योंकि राजनीतिक दल मुख्य रूप से लोकतंत्र का मूलाधार जनता को शिक्षित करने का काम करता है क्योंकि लोकतंत्र का अर्थ ही है जनता का शासन और जनता की अगर शिक्षित नहीं होगी तो लोकतंत्र कैसे होगा।

विश्व में दलीय व्यवस्था


विश्व में तीन तरह की दल व्यवस्था है।

1-एक दल व्यवस्था-एक दल व्यवस्था में केवल सत्तारूढ़ दल होता है और विरोधी दल की व्यवस्था नहीं होती है जैसे पूर्व वामपंथी राष्ट्रीय से रूस तथा अन्य पूर्वी यूरोपी राष्ट्र ।
2-दो दल व्यवस्था-दो दल व्यवस्था जिसमें दो बड़े दल विद्यमान होते हैं जैसे अमेरिका तथा ब्रिटेन।
3-कई दल व्यवस्था-इसमें कई दल एक साझा सरकार बनाते हैं जैसे फ्रांस स्वीटजरलैंड इटली तथा भारत।

भारत में दलीय व्यवस्था


देश का विशाल अकार भारतीय समाज की भिन्नता सब को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की आग्रहता आदि कई अन्य कारणों से कई प्रकार के राजनीतिक दलों का उदय हुआ है। भारत में सबसे ज्यादा राजनीतिक दल हैं। इसके अलावा भारत में सभी प्रकार के राजनीतिक दल हैं जैसे वामपंथी दल केंद्रीय दल दक्षिणपंथी दल सांप्रदायिक दल तथा गैर संप्रदायिक दल आदि।
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निर्वाचन आयोग निर्वाचन के प्रयोजन हेतु राजनीतिक दलों को पंजीकृत करता है और उनकी चुनाव निष्पादन ता के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय राज्य सत्रीय दलों के रूप में मान्यता प्रदान करता है अन्य दलों को केवल पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त दल घोषित किया जाता है

दलों की मान्यता की आवश्यकता क्यों?

आयोग द्वारा दलों की प्रदान की गई मान्यता उनके लिए कुछ विशेषाधिकार के अधिकार का निर्धारण करती है जैसे चुनाव चिन्ह का आवंटन राज्य नियंत्रित टेलीविजन और रेडियो स्टेशनों पर राजनीतिक प्रसारण हेतु समय का उपबंध और निर्वाचन सूचियों को प्राप्त करने की सुविधा।प्रत्येक राष्ट्रीय दल को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है जो संपूर्ण देश में विशिष्टता उसी के लिए आरक्षित होता है इसी प्रकार प्रत्येक राज्य स्तरीय दल को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है जो उस राज्य या जिन राज्यों में इसे मान्यता प्राप्त है विशिष्टता उसी के लिए आरक्षित होता है दूसरी ओर कोई पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त दल चुनाव चिन्ह की सूची में से चीन का चुनाव कर सकता है।

किसी दल को राष्ट्रीय दल के रूप में दर्जा प्राप्त करने के लिए दशाएं


1-यदि वह लोकसभा अथवा विधानसभा के आम चुनाव में 4 अथवा अधिक राज्यों में वैध मतों का 6% मत प्राप्त करता है तथा इसके साथ वह किसी राज्य  या राज्यों से लोकसभा में 4 सीट प्राप्त करता है।

2-कोई राजनीतिक दल की मान्यता प्राप्त कर सकता है यदि वह लोकसभा के कुल सीटों का 2% सीट जीतने में कामयाब होता है तथा ये सदस्य तीन विभिन्न राज्यों से चुने जाते हैं।

3-यदि कोई दल कम से कम चार राज्यों में राज्य स्तरीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त हो।

राज्य में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के लिए दशाएं


1-किसी आम चुनाव में या विधानसभा चुनाव में उस दल ने राज्य विधानसभा की 3% सीटों कम से कम 3 सीटों पर चुनाव जीता हो।

2-लोकसभा या विधानसभा के किसी आम चुनाव में उस राजनीतिक दल ने उस राज्य के हिस्से की प्रति 25 लोकसभा सीटों पर एक लोकसभा सीट जीती हो।

3-लोकसभा या विधानसभा के किसी आम चुनाव में किसी राज्य में उस राजनीतिक दल को कम से कम 6% मत प्राप्त हुए हो इसके अलावा उस दल ने उस राज्य में एक लोकसभा सीट या 2 विधानसभा सीटों पर चुनाव जीता हो।

4-लोकसभा या विधानसभा के किसी आम चुनाव में उस राजनीतिक दल को उस राज्य में 8% मत मिले हो।

भारत के प्रमुख राजनीतिक दल के बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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