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Monday, November 11, 2019

निबंध लेखन का तरीका/ प्रारूप/रुपरेखा

                             निबंध लेखन का तरीका

hindimesupport.in  पर  इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप जान पयेगे निबंध लिखने का तरीका क्या है ,निबंध  की रुपरेखा क्या है,तथा निबंध का प्रारूप क्या होना चाहिए। 


      तो आप जनपयेगे ?

-निबंध क्या होता है?

-निबंध के प्रकार

-एक अच्छे निबंध की विशेषता

-निबंध रूपरेखा या प्रारूप

निबंध नि +बंध  से बना हुआ जिसका अर्थ है अच्छी तरह बना हुआ या कसा हुआ। निबंध गद्य साहित्य की वह विधा है जिसमें निबंधकार अपने किसी विचार को आधार बना था या लिखता है।  यह विचार पूरी तरह मौलिक होता है। 

निबंध के प्रकार


वर्णनात्मक- इन निबंधों में नगरों दृश्यों ऋतु तथा वस्तुओं का वर्णन किया जाता है। 

विवरणात्मक- इन निबंधों में घटनाओं यात्रा संस्मरण आदि का वर्णन किया जाता है। 

भावनात्मक -भावात्मक निबंधों में सूक्तियों अदि  पर आधारित निबंध लिखे जाते हैं। 

 विचारात्मक -विचारात्मक निबंध विचार प्रधान होते हैं।  जैसे खेलों का महत्व, बेरोजगारी, मेरे प्रिय कवि यादी। 

क्यों लिखे जाते हैं निबंध ?


जो कोई निबंध लेखन सीखता है तो वह अपने विचारों को इकट्ठा करके उन्हें संतुलित  तरीके से  वक्त करना सीखते  हैं। उसमें विषय के अनुरूप भाषा का इस्तेमाल करना सीखते  हैं।  इस तरह हम अपने विचारों को सकारात्मक दिशा दे पाते हैं।  साथ ही साथ अपने विचारों को दृढ़ता से लिखना  सीख पाते है। 

निबंध के संबंध में ध्यान रखने योग्य बातें


-निबंध लेखन एक कला है। 

-अपने विचारों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। 

-आपके विचारों में आपका व्यक्तित्व झलकता है। 

-प्रश्न पत्र में विकल्प होते हैं दिए गए विषयों में आपको उसी विषय पर निबंध लिखना चाहिए जिसमें आप अपने विचार अच्छी तरह व्यक्त कर सकें। 

निबंध रूपरेखा या  प्रारूप


परिचय

-पृष्ठभूमि//, इतिहास संबंधित मुख्य अवधारणा//, सिद्धांत// किस विषय के बारे में है// आदि  लिखा  जाना चाहिए
-इसके सकारात्मक तथा नकारात्मक पक्ष तथा इससे संबंधित वर्तमान  पक्ष 

 -सुझाए गए सुधार या वर्तमान समय में उपयोगिता प्रासंगिकता

-अंत में निष्कर्ष लिखा जाना चाहिए

भूमिका
आकर्षण और रोचक हो विषय से संबंधित कोई काव्य पंक्तियां सूक्तियां घटना याद हो तो उसी से निबंध लिया शुरू करना चाहिए। 

विषय वस्तु/ विषय विस्तार- विषय का विस्तार इसमें अपने विचारों को पैराग्राफ में लिखें और प्रयास करें कि हर अनुच्छेद में एक ही विचार का विस्तार हो। विचारों में तारतम्यता अथार्थ  विचारों में जुड़ाव  होना चाहिए। 

निष्कर्ष /उपसंहार/ - निष्कर्ष में समस्या के समाधान या समाधान हेतु अपने सुझाव आदि लिखे जाने चाहिए  /तथा अंत प्रभावी होना चाहिए। 

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