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कोरोना हारेगा हम जीतेंगे। घर में रहे सुरक्षित रहे ��

Friday, May 1, 2020

भारत में Lockdown3.0

Lockdown-in-india
Lockdown3.0


भारत में lockdown 3.0 


भारत सरकार ने lockdown बढ़ाने का फैसला लिया है। lockdown 3 मई कों ख़त्म होने वाला था। सरकार और  पुरे देशवाशियों कों आशा थी की करोना के केसेस भारत में जल्द काम हो जाएगी परंतु यह आंकड़ा काम होने का नाम नही ले रहा है। भारत में अब तक 33610 मामले सामने आ  चुके है। अब तक 1056 लोग कोरोना से जान गवा चुके है।

भारत के लिए चिंता की बात है की lockdown में बावजूद भी कोरोना के केसेस लगातार बढ़ते जा रहे है, पिछले 24 घंटे मैं 1823 मामले सामने आये है।दुनिया भर में कोरोना का अभी भी कोरोना का कहर बना हुआ है। दुनिया भर में अब तक 32, 71, 198 मामले लाये है, जिसमे सबसे ज्यादा अमेरिका के है, मरने वालो में सबसे ज्यादा संख्या भी अमेरिकी की है। अमेरिका के बाद स्पेन तथा इटली है। भारत के लिए दुख की बात यह है कि भारत भी कोरोना के अति प्रभावित देशों की सूची में शामिल हो गया गया है,  हालांकि भारत अभी 17 नंबर पर है, लेकिन सोचनीय यह है कि lookdown के बावजूद भी ऐ संख्या बढ़ रहा है।

कोरोना का अभी तक स्थाई रूप  से इलाज नही खोजा गया है। जब तक इसका इलाज नही खोजा जाता तब तक lockdown के अलावा कोई और उपाय नही है। लेकिन lockdown में नियमों की जिस तरीके से धज्जिया उड़ाई जा रही है उससे जान पड़ता है की हम इस महामारी को  अभी तक गंभीता से नही ले रहे है। लोग अभी भी सड़को पर निकल रहे है, घर से निकलने के लिए अलग अलग बहाने ढूंढ रहे है। बाज़ारों के खुलने का समय निश्चित है परंतु कई जगह समय का पालन नही किया जा रहा है बाज़ारों में social distancing का पालन नही किया जा रहा है।  lockdown तभी सफल हो पायेगा जब जरुरी guideline का पालन करेंगे। 

प्रधानमंत्री ने lockdown करते समय कहा की 'जान है तो जहाँन है',और यह  वास्तविकता भी है अर्थव्यवस्था,अस्पताल, लोकतंत्र, सरकार ऐ सब कुछ जनता के लिए ही है। जब वो ही खतरे में हो तो बाकी सब धरा का धरा रह जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा की अगर हम 21 दिन का lockdown नही करते है तो भारत 21 वर्ष पीछे चला जायेगा। जाहीर है हम जाना भी नही  चाहते, मौजूदा हालत पर पहुंचने के लिए हमने काफ़ी लंबा संघर्ष किया है। हालांकि अर्थव्यवस्था भी हमारे लिए मायने रखता है।  भारत में कई राज्यों में मामले उतने गंभीर नही है, भारत की कई फैक्ट्रीया दिन प्रतिदिन की जरुरी सामान बनाने वाली है जिनकी जरुरत हमें पड़ेगी सरकार को चाहिए की इन में सतर्कता बरतते हुए इन्हे खोला जाना चाहिए।  सरकार ने इन्हे जरुरी मानते हुए कुछ नियम  के साथ खोलने का आदेश भी दिया है जो सही भी है। 

अभी सरकार अपने घर से बाहर दूर शहरों और राज्यों में फसे विद्यार्थियों और मजदूरों को निकालने का प्रबंध भी कर रही है। कुछ दिन पहले तक सरकार का कहना था की जो जहाँ है वही रुके परंतु सरकार अपनी रणनीति बदलते दिख रही है। शायद अब सरकार को भी आभाष हो गया है की lockdown खोलते समय सावधानी बरतनी होंगी। जब तक कोरोना का परमानेंट इलाज नही आ जाता तब तक हम स्थिती को सामान्य नही कर सकते। 

सरकार ने दो सप्ताह के लिए lockdown बढ़ा दिया है। इस दौरान सरकार को चाहिए की ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग बढ़ाऐ, जितने मामले पहले ही बाहर आ जाए उतना ही बढियाँ है। इस प्रकार हम lockdown में ढिलाई करते समय संक्रमण को रोक पाएंगे। एक अहम बात यह है कि lockdown में किसानों, मजदूरों, गरीबों को नजरअंदाज नही कर सकते। lockdown की वजह से दूध के खरीदारी में कमी आयी है और भूसा, चोकर आदि के दाम बढ़ गयी है जिससे दूध विक्रेताओं के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गयी है। ऐ सिर्फ यही तक सिमित नही है lockdown की वजह से पोट्री, मत्सय आदि विक्रेताओ के सामने भी समस्या खड़ी है। 

सरकार में गरीब परिवारों को 500 सौ रुपये दिए है, इतने कम रूपये में महीने का खर्च चलना मुश्किल है। भारत में ऐसे भी लोग है जिनके अभी भी अकाउंट नही है। भारत में ऐसे करोड़ो लोग है जो lockdown से पहले भूखे पेट सोते थे। lockdown 3 के दौरान ऐसे लोगों की भुखमरी से मौत ना हो इसको भी सरकार को ध्यान रखने की जरुरत है। 

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