Bhed Se Oon Kaise Nikali Jati Hai

Bhed Se Oon Kaise Nikali Jati Hai भेड़ से ऊन कैसे निकाली जाती है ?

सर्दियों में हम गर्म कपड़े पहनते हैं । ये गर्म कपड़े ऊन से बनाए जाते हैं । क्या आप जानते हैं कि ऊन हमें भेड़ों से कैसे प्राप्त होती है ? आइए हम बताते हैं ।
         जिस प्रकार हमारे सिर पर बाल उगते हैं , ठीक उसी प्रकार भेड़ और बकरियों के शरीर पर भी बाल उगते हैं । भेड़ – बकरियों के ये बाल ही ऊन कहलाते हैं । भेड़ (Bhed) के ये बाल ठंड से उसकी रक्षा करते हैं । इसी प्रकार लामा ( Lama ) , अल्पाका , ( Alpaca ) , ऊंट आदि अनेक पशुओं और कुछ किस्म के बकरों के बालों का भी ऊन के रूप में उपयोग होता है ।
      साल में एक बार भेड़ के बाल काटे जाते हैं । जब जाड़े का मौसम समाप्त होने को होता है और गर्मी आने को होती है , तब भेड़ (Bhed) को बालों की जरूरत नहीं होती । उसी समय भेड़ के बालों को बड़ी – बड़ी कैंचियों द्वारा काट लिया जाता है । इन बालों में कांटे , गंदगी और चिकनाई होती है । बालों को साफ करने के लिए उनके गोले बनाकर ऊन को सुतलियों से बांध दिया जाता है । अब इस ऊन की सफाई की जाती है ।

इसके बाद मशीनों की सहायता से ऊन की ऐंठन निकाली जाती है । अंत में इसे धागे के रूप में काट लिया जाता है । इसी ऊनी धागे से गर्म कपड़े बनाए जाते हैं ।
     प्राचीनकाल से ही मनुष्य भेड़ (Bhed) की ऊन और मांस का प्रयोग करता रहा है । सदियों के परिश्रम के बाद मनुष्य ने भेड़ों की कई किस्में विकसित कर ली हैं । इसमें कुछ किस्में मांस के लिए प्रयोग होती हैं और कुछ किस्में ऊन देने वाली भेड़ों की हैं । स्पेन और अफ्रीका में ‘ मेरिनो ‘ नामक भेड़ होती है , जो ऐसे लगती है जैसे ऊन की ही बनी हो । इसकी नाक और टांगें ही बिना ऊन के दिखती हैं , बाकी शरीर ऊन से ढका रहता है ।

अब अमेरिका और आस्ट्रेलिया में भी मेरिनो जाति की भेड़ें बहुत मिलती हैं , जिनसे ऊन प्राप्त की जाती है । इस जाति की भेड़ से मिलने वाली ऊन काफी गर्म होती है ।
      आस्ट्रेलिया सबसे अधिक ऊन का उत्पादन करने वाला देश है । सारे संसार की 30 % ऊन आस्ट्रेलिया से प्राप्त होती है । अमेरिका ऊन उत्पादन में दूसरे स्थान पर है ।

Ise Bhi Padhe – मोती कैसे बनते हैं ?

1 thought on “Bhed Se Oon Kaise Nikali Jati Hai भेड़ से ऊन कैसे निकाली जाती है ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *