sona itna mahaga kyu hota hai hindi mein सोना महंगा क्यों है

सोना (sona) प्राचीनकाल से ही वैभव का प्रतीक रहा है । हमारे देवी – देवताओं की मूर्तियां भी सोने के आभूषणों से सजी रहती हैं । राजा – महाराजा भी सोने को बहुत महत्त्व देते हैं । सोने से सदा ही मनुष्य का बहुत अधिक लगाव रहा है । आखिर सोने में ऐसी क्या विशेषता है , जो सदा से यह महंगा रहा है और दिन प्रतिदिन महंगा ही होता जा रहा है ।

किसी वस्तु का महंगा होना कई बातों पर निर्भर करता है । जैसे जो वस्तु जितनी दुर्लभ होगी या कम मात्रा में मिलेगी तथा जितनी उपयोगी होगी , वह उतनी ही अधिक महंगी होगी । वस्तु की कीमत उसकी सुंदरता पर भी निर्भर करती है ।

आमतौर पर सुंदर वस्तुओं के दाम अधिक होते हैं । इसके अलावा जो वस्तुएं सर्दी , गर्मी , वायु और नमी से कम प्रभावित होती हैं , वे महंगी होती हैं । सोना(sona) एक ऐसी धातु है , जिसके विषय में ये सभी बातें ही सत्य हैं । सोना(sona) एक दुर्लभ और कम मात्रा में मिलने वाली उपयोगी धातु है ।

इसका रंग और चमक बहुत आकर्षक है और इस पर सर्दी , गर्मी , वायु और नमी का प्रभाव नहीं पड़ता है , न इसकी चमक कम होती है । इसलिए सोना महंगी धातु है ।

सोना पीले रंग की चमकीली धातु है । सोना(sona) प्रकृति में बहुत ही कम मात्रा में मिलता है । यह स्वतंत्र तथा संयुक्त दोनों ही अवस्थाओं में मिलता है । इसके अयस्कों ( Ores ) से शुद्ध सोना प्राप्त करना बहुत महंगा पड़ता है । यद्यपि विक्टोरिया ( आस्ट्रेलिया ) में साढ़े सत्तर किलो की एक चट्टान मिली , जिससे सत्तर किलो शुद्ध सोना निकला , लेकिन ऐसी चट्टानें बहुत ही दुर्लभ हैं ।

जिन खानों से सोना निकाला जाता है , उनमें सोने की मात्रा बहुत कम होती है । समुद्र के पानी में भी बहुत सोना होता है , लेकिन इससे सोना(sona) निकालना इसकी कीमत से भी अधिक महंगा पड़ता है । इस प्रकार हम देखते हैं कि इसे प्राप्त करने में बहुत समय , मेहनत और धन खर्च होता है ।

संसार में उत्पादित सोने का महत्त्वपूर्ण भाग आभूषणों में प्रयोग होता है । सोने के आभूषणों का प्रयोग वैभव और बड़प्पन की बात मानी जाती है । सन 1914 तक विश्व की विभिन्न मुद्राओं का लेन – देन सोने के रूप में ही होता था । आज भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सारा काम सोने की मदद से ही होता है ।

सोना चिकित्सा में भी प्रयोग होता है । इसका उपयोग विद्युत उद्योग में भी किया जाता है । इस प्रकार सोना कई क्षेत्रों में उपयोगी है । यह बहुत ही कोमल और पीटने से फैलने वाली धातु है । इसलिए इसके पतले वरक बनाए जाते हैं और अन्य धातुओं पर इसकी हल्की परत भी चढ़ाई जाती है । इसे सख्त बनाने के लिए इसमें अन्य धातु जैसे तांबा आदि मिला देते हैं ।

सोने पर अम्ल ( Acid ) और क्षारों ( Alkalies ) का प्रभाव नहीं पड़ता , परंतु यह अम्ल राज ( Aqua Regia ) , नाइट्रिक अम्ल और हाइड्रोक्लोराइड अम्ल के मिश्रण में घुल जाता है ।

संसार में सोने का सबसे अधिक उत्पादन अफ्रीका , रूस और अमेरिका में होता है । भारत में सोने की बड़ी खानें मैसूर में हैं । लोग करेंसी नोटों की जगह सोना(sona) जमा करना ज्यादा पसंद करते हैं , क्योंकि एक तो यह आसानी से खराब नहीं होता , दूसरे इसका मूल्य भी प्रायः बढ़ता ही रहता है ।

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