Indradhanush Kaise Banta Hai इंद्रधनुष कैसे बनता है ?

Indradhanush Kaise Banta Hai

बरसात के दिनों में प्राय : धनुष के आकार की एक रंग बिरंगी पट्टी आकाश में दिखाई देती है । यही इंद्रधनुष है । यह पट्टी सात रंगों की होती है , जिसमें लाल रंग  सबसे ऊपर होता है और बैंगनी रंग सबसे नीचे । बीच में अन्य रंग होते हैं । इंद्रधनुष प्रकृति का बड़ा ही सुंदर दृश्य है ।
           इंद्रधनुष (Indradhanush) कैसे बनता है ? इस बात को जानने की उत्सुकता आदिकाल से मनुष्य के मन में रही है । सूर्य का प्रकाश , जो हमें देखने में सफेद लगता है , वास्तव में वह सात रंगों का मिश्रण है । ये सात रंग हैं – बैंगनी ( Violet ) जामुनी ( Indigo ) , नीला ( Blue ) , हरा ( Green ) , पीला ( Yellow ) , नारंगी ( Orange ) और लाल ( Red ) । सात रंगों के इस समूह को वर्णपट या स्पेक्ट्रम ( Spectrum ) कहते हैं ।
      वर्षा के बाद ऊपरी वायुमंडल जल की छोटी – छोटी बूंदों से भरा होता है । ये बूंदें प्रिज्म ( Prism ) का काम करती हैं । प्रिज्म कांच की बनी एक त्रिकोणाकार आकृति होती है , जिसमें से गुजारे जाने पर सफेद प्रकाश के सातों रंग अलग – अलग दिखाई देते हैं । अतः सूर्य से आने वाली सफेद प्रकाश की किरणें जब इन जल की बूंदों के प्रिज्म में प्रवेश करती हैं , तब वे सात रंगों में विभक्त हो जाती हैं । ये रंग वर्षा की बूंदों के पिछले भाग से पूर्ण परावर्तित होकर सात रंगों की किरणों के रूप में निकलते हैं । यही सतरंगी किरणें हमें इंद्रधनुष के रूप में दिखाई देती हैं । इंद्रधनुष जल की बूंदों में से परावर्तित ( Refract ) होकर आने वाली किरणों के झुकाव के कारण हमें गोल दिखाई देता है । कभी – कभी एक के साथ दूसरा इंद्रधनुष (Indradhanush) भी आकाश में दिखाई देता है । इसके रंग पहले इंद्रधनुष से फीके होते हैं और इसमें रंगों का क्रम विपरीत होता है । अर्थात इसमें बैंगनी रंग ऊपर और लाल रंग नीचे होता है । यह इंद्रधनुष उस प्रकाश से बनता है , जिसका परावर्तन ( Refraction ) पानी की बूंदों के भीतर दो बार होता है ।
        इंद्रधनुष (Indradhanush) आमतौर पर तभी दिखाई देता है , जब सूर्य हमारी पीठ के पीछे हो और वर्षा की बूंदों का समूह हमारी आंखों के सामने हो , अर्थात हम सूर्य और बूंदों के बीच में हों । इंद्रधनुष बनने के लिए यह जरूरी है कि बरसात के समय सूर्य निकल रहा हो तथा सूर्य , हमारी आंखों और इंद्रधनुष का केंद्रबिंदु एक ही सरल रेखा में हो ।
       सात रंगों का क्रम याद रखने के लिए विबग्योर ( Vibgyor ) शब्द को याद रखना चाहिए । इसमें प्रत्येक अक्षर एक रंग का संक्षिप्त रूप प्रदर्शित करता है , जैसे V से Violet , I से Indigo आदि – आदि ।

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