Kya Har Prakar Ke Adu Gatishil Hote Hai |क्या हर प्रकार के अणु गतिशील होते हैं ?

Kya Har Prakar Ke Adu Gatishil Hote Hai

प्रत्येक पदार्थ बहुत ही छोटे – छोटे कणों से मिलकर बना है , जिन्हें हम अणु (Adu) कहते हैं । अणु पदार्थ का वह छोटे से छोटा अंश है , जो स्वतंत्र अस्तित्त्व रखता है और उसमें पदार्थ के सभी गुण मौजूद होते हैं । उदाहरण के लिए यदि हम चीनी के एक अणु को लें , तो उसमें चीनी का स्वाद , रूप , रंग और अन्य सभी गुण होंगे ।

अलग – अलग पदार्थों के अणुओं के आकार अलग – अलग होते हैं । किसी पदार्थ का अणु इंच के अरबवें भाग के बराबर होता है , तो किसी पदार्थ का अणु (Adu) इससे हजारों गुना बड़ा होता है । बराबर । गैसों के अणु आकार में बहुत छोटे होते हैं । हवा के एक घन सेंटीमीटर में 25,000,000,000,000,000,000 अणु होते हैं ।

        यद्यपि पदार्थ के छोटे से टुकड़े में भी अणुओं की संख्या बहुत अधिक होती है , फिर भी अणुओं के बीच में रिक्त स्थान होता है , जिसमें पदार्थ के अणु (Adu) निरंतर गति करते रहते हैं । प्रत्येक पदार्थ यहां तक कि बर्फ के टुकड़े में भी अणु गति करते हैं । ऊष्मा और ऊर्जा के बढ़ने के साथ अणुओं की गति भी बढ़ती जाती है ।

पदार्थ का तापमान बढ़ने से उसके अणुओं की गति भी तेज होती जाती है । गैसों में रिक्त स्थान अधिक होने के कारण अणुओं की गति बहुत तेज  होती है , जबकि द्रवों और ठोस पदार्थों में स्थान कम होने से यह गति धीमी होती जाती है । प्रश्न यह है कि जब हर पदार्थ के अणु गतिशील रहते हैं , तब वस्तुएं हमें हिलती हुई महसूस क्यों नहीं होती ? 

      इसका कारण यह है कि पदार्थ में अणुओं के बीच एक आकर्षण बल होता है , जो उन्हें अपने स्थान पर रोके रखता है । यदि यह बल न हो , तब पदार्थ के अणु इधर उधर बिखर जाएंगे । यदि ठोस पदार्थ के अणुओं को ऊष्मा दी जाए , तब अणुओं की गति तेज हो जाती है और आकर्षण बल कम होने लगता है ।

परिणाम यह होता है कि ठोस वस्तु तरल अवस्था में आ जाती है । यदि हम ऊष्मा बढ़ाना जारी रखें , तो अणुओं की गति और भी तेज हो जाएगी और तरल पदार्थ तब गैसीय अवस्था में बदल जाएगा ।

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