Tamba Hamare Liye Kis Prakar Upayogi Hai तांबा हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है ?

Tamba Hamare Liye Kis Prakar Upayogi Hai

तांबा (Tamba) ( Copper ) एक ऐसी धातु है , जिसका पता मनुष्य ने पाषाणकाल के अंत में ही लगा लिया था । यह प्रकृति में दाने या पिंडों के रूप में मिलता है । शायद मानव को यह धातु पिंडरूप में ही मिला होगा । इसा से 6000 वर्ष पूर्व मनुष्य तांबे के औजार , हथियार और आभूषण प्रयोग में लाने लगा था । ईसा से लगभग 4000 वर्ष पूर्व मनुष्य ने तांबे को खानों से निकालना शुरू कर दिया था । हजारों वर्ष तक तांबा (Tamba) ही एक ऐसी धातु थी , जिसका प्रयोग मनुष्य करता रहा । इसके बाद जब आदमी को यह पता चला कि तांबा और टिन को मिलाकर कांसा नाम की मिश्र धातु बनती है , जो तांबे से अधिक सख्त होती है , तब उसने कांसे को प्रयोग मे लाना शुरू किया ।
       पिछले सौ वर्ष में तांबे का उपयोग बहुत बढ़ गया है । इसका बहुत अधिक उपयोग तार बनाने में होता है । इसका कारण यह है कि यह एक मुलायम धातु है , जिससे इसके तार आसानी से खींचे जा सकते हैं । यह विद्युत और ऊष्मा का बहुत अच्छा चालक ( Conductor ) है । संसार में हर वर्ष हजारों टन तांबा बिजली के तार बनाने के प्रयोग में आता है । इसे मोटर , डायनमो आदि में भी प्रयोग करते हैं । तांबे के सिक्के तो सारे संसार में चलते ही रहे हैं । विश्व का अधिकांश तांबा कनाडा , अमेरिका , चिली , जांबिया और  रूस से लाना शुरू हुआ |
      तांबा (Tamba) दूसरी धातुओं के साथ मिलकर मिश्र धातु बनाता है । इसकी दो मिश्र धातुएं मुख्य हैं । पहली कांसा और दूसरी पीतल । कांसे में 90 % तांबा , 4 % टिन तथा शेष जस्ता , सीसा और निकल होते हैं । पीतल में 70 % तांबा और 30 % जस्ता होता है । ये दोनों ही मिश्र धातुएं हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं । इनसे बर्तन तथा उद्योगों में काम आने वाली अनेक प्रकार की मशीनों के हजारों प्रकार के कल – पुर्जे व अन्य चीजें बनाई जाती हैं । तांबा और एल्यूमिनियम से भी एक मिश्र धातु बनती है , जिसे एल्यूमिनियम ब्रोंज कहते हैं । यह धातु भी आजकल बहुत प्रयोग में आ रही है ।
      तांबा दूसरे तत्त्वों से मिलकर अनेक यौगिक बनाता है । तांबे के सभी यौगिक जहरीले होते हैं । इसलिए इन यौगिकों को कीटाणुनाशक के रूप में प्रयोग किया जाता है । जैसे कृषि में इन यौगिकों को फसलों को हानिकारक कीटाणुओं को मारने के लिए प्रयोग में लाया जाता है ।
       तांबा हमारे लिए इतना उपयोगी सिद्ध हुआ है कि दिन – प्रतिदिन संसार में इसका उत्पादन बढ़ाने के अधिक से अधिक प्रयास किए जा रहे हैं ।
       मनुष्य के शरीर में भी अल्प मात्रा में तांबा पाया जाता है । यह रक्त में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायता कर हमें स्वस्थ रखता है । इस प्रकार तांबा मानव समाज के लिए एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण धातु है ।

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Kya Har Prakar Ke Adu Gatishil Hote Hai |क्या हर प्रकार के अणु गतिशील होते हैं ?

Kya Har Prakar Ke Adu Gatishil Hote Hai

प्रत्येक पदार्थ बहुत ही छोटे – छोटे कणों से मिलकर बना है , जिन्हें हम अणु (Adu) कहते हैं । अणु पदार्थ का वह छोटे से छोटा अंश है , जो स्वतंत्र अस्तित्त्व रखता है और उसमें पदार्थ के सभी गुण मौजूद होते हैं । उदाहरण के लिए यदि हम चीनी के एक अणु को लें , तो उसमें चीनी का स्वाद , रूप , रंग और अन्य सभी गुण होंगे ।

अलग – अलग पदार्थों के अणुओं के आकार अलग – अलग होते हैं । किसी पदार्थ का अणु इंच के अरबवें भाग के बराबर होता है , तो किसी पदार्थ का अणु (Adu) इससे हजारों गुना बड़ा होता है । बराबर । गैसों के अणु आकार में बहुत छोटे होते हैं । हवा के एक घन सेंटीमीटर में 25,000,000,000,000,000,000 अणु होते हैं ।

        यद्यपि पदार्थ के छोटे से टुकड़े में भी अणुओं की संख्या बहुत अधिक होती है , फिर भी अणुओं के बीच में रिक्त स्थान होता है , जिसमें पदार्थ के अणु (Adu) निरंतर गति करते रहते हैं । प्रत्येक पदार्थ यहां तक कि बर्फ के टुकड़े में भी अणु गति करते हैं । ऊष्मा और ऊर्जा के बढ़ने के साथ अणुओं की गति भी बढ़ती जाती है ।

पदार्थ का तापमान बढ़ने से उसके अणुओं की गति भी तेज होती जाती है । गैसों में रिक्त स्थान अधिक होने के कारण अणुओं की गति बहुत तेज  होती है , जबकि द्रवों और ठोस पदार्थों में स्थान कम होने से यह गति धीमी होती जाती है । प्रश्न यह है कि जब हर पदार्थ के अणु गतिशील रहते हैं , तब वस्तुएं हमें हिलती हुई महसूस क्यों नहीं होती ? 

      इसका कारण यह है कि पदार्थ में अणुओं के बीच एक आकर्षण बल होता है , जो उन्हें अपने स्थान पर रोके रखता है । यदि यह बल न हो , तब पदार्थ के अणु इधर उधर बिखर जाएंगे । यदि ठोस पदार्थ के अणुओं को ऊष्मा दी जाए , तब अणुओं की गति तेज हो जाती है और आकर्षण बल कम होने लगता है ।

परिणाम यह होता है कि ठोस वस्तु तरल अवस्था में आ जाती है । यदि हम ऊष्मा बढ़ाना जारी रखें , तो अणुओं की गति और भी तेज हो जाएगी और तरल पदार्थ तब गैसीय अवस्था में बदल जाएगा ।

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